Aug 3, 2014

तू है लाज़मी!!

Saurabh Chawla |

take me to the river quote by Al Green


तुझसे  दूर रहकर भी
नज़दीक हूँ मैं तेरे
साँसें हैं थमी हुई
ज़िंदा हूँ मैं फिर भी

तू ही मेरी है रज़ा
देखूं तुझे तो सुकून मिले
होंठों से न बयान हो सके
ये दुआ है या सज़ा

अब तक था मैं अधूरा
पास आकर बैठ ज़रा  
जी भर कर करूँ दीदार तेरा
तुझसे ही हुआ मैं पूरा

तेरी ही थी कमी
तलाश में था मैं कब से
तुझसे दूर होकर है जाना
तू है लाज़मी!!

Check out the poem  ये कैसी कश्मकश है....

4 comments:

Your comments are priceless!

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...